तंजावुर चित्रकला
This file is licensed under the Creative Commons Attribution-Share Alike 4.0 International license. तंजावुर चित्रकला दक्षिण भारत की पारंपरिक चित्रकला है जिसका मूल तंजावुर शहर में है। तंजावुर चित्रकला का इतिहास भारतीय चित्रकला के इतिहास में तंजावुर चित्रकला का अलग स्थान है। सोलहवीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य में 'राया' राजवंश के शासनकालमें नृत्य, संगीत, साहित्य आदि के साथ साथ तंजावुर चित्रकला को भी बढावा दिया गया। विजयनगर रायाओं के आधिपत्य में आनेवाले सभी नायकों ने अपने अपने क्षेत्रके मंदिरों की दिवारों पर तंजावुर शैली के चित्र बनवाये और चित्रकारों को राजाश्रय दिया। विजयनगर साम्राज्य के पतन के बाद इन सारे चित्रकारों को आसपास के प्रदेशों में आश्रय लेना पडा। इन चित्रकारों को राजाश्रय देने के लिए तंजावुर के भोसले घराने के मराठा शासक अग्रगण्य थे। तंजावुर चित्रकला के विषय तंजावुर चित्रकला की शुरुआत मंदिरों में होने...