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कलमकारी चित्रकला

चित्र
कलमकारी अर्थात कलम से की जानेवाली कलाकारी। कलमकारी की कला ईरान के ईस्फाहान प्रांत और भारत के आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य की पहचान है।  कपड़े और रंगों की तैयारी:  सूती कपड़े पर प्राकृतिक रंगों से चित्र बनायें जाते हैं। कपडे को दूध और माँड के घोल में डुबोकर रातभर रखा जाता है। दूसरे दिन धूपमें अच्छी तरह से सुखाकर लकडी के दस्ते से कूट कर नरम किया जाता है। इसतरह तैयार किया गया कपड़ा प्राकृतिक रंगों को अच्छी तरह से सोंखने में सक्षम होता है। पौधों, पत्तों, पेड़ों की छाल, तनों आदि का उपयोग करके प्राकृतिक रंग बनायें जाते हैं। दूध की गंध को दूर करने के लिए हरड़  का प्रयोग होता है। हरड़ और फिटकरी के प्रयोग से रंगों की स्थिरता को भी सुनिश्चित किया जाता है। कलमकारी के विषय: भारत में कलमकारी चित्रकला के विषय पौराणिक कथाओं एवं उनके चरित्रों के  साथ जुड़े होते हैं जैसे राधाकृष्ण, मत्स्यावतार, कृष्णलीला, रामदरबार, गीतोपदेश, दशावतार, पंचमुखी हनुमान, गणेश, सरस्वती, स्वस्तिक, पुष्पक विमान आदि। बुद्ध और बौद्ध कला रूपों का चित्रांकन भी होता हैं। आजकल फूल, छोटे जानवर, वाद्ययंत्र, बैल, म...